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दौसा के सरकारी स्कूल का सच! तीन कमरे में 8वीं तक कक्षाएं | एक ब्लैक बोर्ड | पढ़िए ये खास रिपोर्ट

दौसा के सरकारी स्कूल का सच! तीन कमरे में 8वीं तक कक्षाएं | एक ब्लैक बोर्ड | पढ़िए ये खास रिपोर्ट

 

दौसा. राजस्थान के दौसा जिले में एक स्कूल ऐसा भी है जो केवल तीन कमरों में चलता है और इन कमरों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे पढ़ाई करते हैं. हैरानी तब और ज्यादा होती है जब एक ही ब्लैक बोर्ड पर 2 शिक्षक एक साथ दो कक्षा के छात्रों को पढ़ाते हैं. ज्यादा हैरानी तो तब होती है जिस गांव से पंचायत समिति की मुखिया आती हो और उसी गांव के आंगनवाड़ी पर विद्यालय के हालात जर्जर हो. यह मामला जिला मुख्यालय से करीब 53 किलोमीटर की दूरी पर मोटूका गांव में स्थित है. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का है जो पिछले कई वर्षों से केवल तीन कमरों में चल रहा है. इन तीन कमरों में कक्षा 1 से 8 तक के तकरीबन 94 बच्चे एक साथ पढ़ाई करते हैं. वहीं विद्यालय में पानी की भी व्यवस्था नहीं है. पानी पास के घरों से नल लगाकर विद्यालय में लाया जा रहा है जो कभी भी धोखा दे सकता है.

छात्र-छात्राओं का यह कहना
विद्यालय के छात्र-छात्राओं का कहना है कि जल्दी ही अगर भवन हमें मिल जाए तो हमारी पढ़ाई भी ठीक हो सकती है. मौजूदा हालात में हम किस स्तर की पढ़ाई करते है, समझा जा सकता है.

जिम्मेदार कौन?
दौसा जिले की बैजूपाड़ा पंचायत समिति की प्रधान सरोज योगी जिस गांव से आती है. उस गांव के विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र इन दिनों खस्ता हालात में चल रहे हैं. जबकि सर्वप्रथम उनका कार्य होता है कि शिक्षा पानी और सड़क की व्यवस्था ठीक करवाई जाए. लेकिन इस और प्रधान सरोज योगी का ध्यान नहीं है. जब इनके प्रतिनिधि पति राकेश योगी से न्यूज18 दौसा संवाददाता पुष्पेंद्र मीणा ने बातचीत में विद्यालय को ठीक कराने का आग्रह किया तो प्रधान पति राकेश योगी ने कहा कि यह कार्य तो सरपंच का होता है, जिसके बाद हमने सरपंच से कहा तो उनका कहना था कि प्रधान का कार्य क्या होता है, तो ऐसे में वह भी जवाब नहीं दे पाए और हमने फिर आग्रह करते हुए कहा सरपंच के माध्यम से प्रधान भी विद्यालय में कार्य करवा सकता है.

कभी भी हो सकता है हादसा
वहीं विद्यालय में कई भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं. भवन के ऊपर रखी पटिया भी टूट कर नीचे गिर गई है जिससे यहां पढ़ने वाले बच्चे कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं. वहीं विद्यालय में कई कमरे अब क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.

विद्यालय के छत से टपकता पानी
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया की विद्यालय में दो कक्षा कक्ष ऐसे हैं जिनकी मरम्मत करा दी जाए तो छात्र-छात्राओं को बैठने लायक पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकती है. जिसमें 1 कमरे की छत से पानी टपकता है और दूसरे कमरे की छत पर एवं खिड़की दरवाजे की मरम्मत करवा दी जाए तो यह कमरे चालू हो सकते हैं.

जनप्रतिनिधि ने किया था वादा
स्थानीय निवासी मांगीलाल योगी ने बताया कि विद्यालय में सरपंच के द्वारा कई बार विकास के कार्यों की घोषणा की है. लेकिन उन्हें अभी तक पूरी नहीं की गई. जिसके कारण बच्चों को परेशानी हो रही है.

विद्यालय बना चर्चा का विषय
जब हमारी टीम मोटूका विद्यालय में पहुंची थी तो दर्जनों की संख्या में लोग मौजूद थे.

उनसे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि जब प्रधान गांव की विद्यालय की ओर ही ध्यान नहीं दे सकती तो अन्य विद्यालयों और अन्य कार्यों को लेकर क्या उम्मीद रख सकते हैं.

मोनिका ईनानियाँ

नमस्कार मित्रो, मैं मोनिका ईनानियाँ एम. ए. & एम फिल मैं आपको शिक्षा जगत की हर एक हलचल से करवाउंगी अपडेट !!

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