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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में घटा नामांकन: टीचर क्लासरूम प्ले ग्राउंड नहीं होने से बच्चों ने नहीं लिया एडमिशन | सीकर चौथे नंबर पर

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में घटा नामांकन: टीचर क्लासरूम प्ले ग्राउंड नहीं होने से बच्चों ने नहीं लिया एडमिशन | सीकर चौथे नंबर पर

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में घटा नामांकन: टीचर क्लासरूम प्ले ग्राउंड नहीं होने से बच्चों ने नहीं लिया एडमिशन | सीकर चौथे नंबर पर

 

सीकर : राजस्थान के सरकारी स्कूलों में घटा नामांकन: टीचर क्लासरूम प्ले ग्राउंड नहीं होने से बच्चों ने नहीं लिया एडमिशन | सीकर चौथे नंबर पर

फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो।

शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों को इस सत्र में 10 परसेंट नामांकन बढ़ाने का टारगेट दिया था। लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी से इस बार प्रदेश में 6.11 लाख विद्यार्थी कम हो गए। प्रदेश में सर्वाधिक नामांकन जयपुर जिले में घटा है, जयपुर जिले की 3428 सरकारी स्कूलों में इस सत्र में 31 जुलाई तक 46955 नामांकन घटा है। इसके बाद जोधपुर में 37422, अलवर 36508 और सीकर जिले में 29225 नामांकन घटा है। एक्सपर्ट के अनुसार प्रदेशभर में प्रारंभिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के संचालित 64469 स्कूलों में 131860 टीचर्स के पद खाली हैं। लाइब्रेरियन, क्लासरूम, अध्यापक, फर्नीचर, हॉल, लाइब्रेरी, लैब सहित अन्य संसाधनों का अभाव है। इससे अभिभावकों को कोरोना के जाते ही फिर से बच्चों को सरकारी स्कूलों से निकालना शुरू कर दिया। यही वजह है कि कोविड-19 के असर कम होने से प्रदेश की 64,723 सरकारी स्कूलों में 31 जुलाई 2022 तक 611056 नामांकन घट गया है।

गत सत्र में स्कूलों में कोरोना महामारी से प्रदेश के करीब 7 हजार प्राइवेट स्कूल बंद हो गए थे। सत्र 2021-22 में सरकारी स्कूल्स में 1,61,4336 नामांकन बढ़ा था। शिक्षा विभाग ने अब तक प्रवेशोत्सव की तिथि दो बार बढ़ा दी है। अब प्रवेशोत्सव 31 जुलाई से 16 अगस्त कर दिया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सत्र 2019-20 में नामांकन 8099648 स्टूडेंट्स था। नामांकन सत्र 2020-21 में 656414 बढ़कर 8756062 स्टूडेंट हो गया था। सत्र 2021-22 में बढ़कर 9713984 नामांकन था। अब घटकर 9102928 लाख ही रह गया है।

शिक्षा विभाग की रही खामियों से घटा नामांकन

  1. सरकार ने बजट घोषणा के तहत प्रदेशभर की 3433 माध्यमिक और 395 राबाउप्रा स्कूलों उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत कर दिया है। इन 3828 स्कूलों में व्याख्याताओं के 11484 पद खाली हैं। वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली व विद्या संबल योजना में शिक्षक भी नहीं लगाए।
  2. सरकार ने 500 प्राथमिक स्कूलों को उप्रा स्कूल में क्रमोन्नत किया है। अभी तक शिक्षक नहीं लगाए हैं। प्रवेशोत्सव के सबसे महत्वपूर्ण समय एक से 24 जुलाई तक ग्रेड थर्ड के लेवल-1 के 1.35 लाख शिक्षको को प्रशिक्षण लेने व 15 हजार रिसोर्स पर्सन को प्रशिक्षण देने शिविरों में भेज दिया।
  3. 64723 सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल के 7000, व्याख्याता 22000, ग्रेड सेकंड 22200, ग्रेड थर्ड एल-1 में 35228, लेवल-2 में 26043, शारीरिक शिक्षक 6968, वाइस प्रिंसिपल 12421 कुल 131860 टीचर्स के पद खाली हैं। महात्मा गांधी स्कूलों में भी संसाधन व टीचर नहीं हैं।
  4. कोरोना में आय कम होने से पैरेंट्स ने बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाया। अब निजी में भेजने लगे हैं। अप्रवासी श्रमिक भी लौट गए। कोरोना के चलते दो साल तक स्टूडेंट्स को प्रमोट किया, जिससे मार्क्स अच्छे आए। पैरेंट्स ने नीट, जेईई कोचिंग व फाउंडेशन कोर्स में भेज दिया।

स्टाफ नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयास करेगा
शिक्षामंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि कोरोना के चलते प्राइवेट स्कूलों से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स सरकारी स्कूलों में आए थे। ऐसे में अब कुछ बच्चे वापस चले गए हैं। प्रवासी भी काम पर लौट गए, जिससे नामांकन पर असर पड़ा है। विभाग के अधिकारी व शिक्षक लगातार नामांकन बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। एक भी विद्यार्थी प्रवेश से वंचित नहीं रहे, इसलिए प्रवेशोत्सव अगस्त में भी चलेगा।

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में घटा नामांकन: टीचर क्लासरूम प्ले ग्राउंड नहीं होने से बच्चों ने नहीं लिया एडमिशन | सीकर चौथे नंबर पर

मोनिका ईनानियाँ

नमस्कार मित्रो, मैं मोनिका ईनानियाँ एम. ए. & एम फिल मैं आपको शिक्षा जगत की हर एक हलचल से करवाउंगी अपडेट !!

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