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बालगोपाल योजना: जिले भर के 1.25 लाख विद्यार्थियों को नहीं दिया जा रहा दूध क्योंकि सरकार से बजट ही नहीं मिला

बालगोपाल योजना: जिले भर के 1.25 लाख विद्यार्थियों को नहीं दिया जा रहा दूध क्योंकि सरकार से बजट ही नहीं मिला

बालगोपाल योजना: जिले भर के 1.25 लाख विद्यार्थियों को नहीं दिया जा रहा दूध क्योंकि सरकार से बजट ही नहीं मिला

 

हनुमानगढ़ : बालगोपाल योजना: जिले भर के 1.25 लाख विद्यार्थियों को नहीं दिया जा रहा दूध क्योंकि सरकार से बजट ही नहीं मिला

फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो

  • स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए हफ्ते में दो बार बच्चों को पिलाना था दूध

सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना अभी तक धरातल पर शुरू नहीं हो सकी है। शिक्षा विभाग को अभी तक इस योजना के लिए ना तो बजट मिला है और ना ही गाइडलाइन आई है। ऐसे में यह योजना अभी तक कागजों में ही दर्ज रह गई है। बता दें, इस योजना के जरिए जिले भर के स्कूलों में पंजीकृत 1.25 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलना है। हैरानी की बात यह है कि मिड-डे मील आयुक्तालय द्वारा 27 जून को इस संबंध में दिशा निर्देश-जारी भी जारी किए थे।

 

सरकार ने डेयरी फेडरेशन से करीब 400 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से दूध पाउडर उपलब्ध कराने का करार किया था और सभी स्कूलों से नामांकन की सूचना भी ले ली गई थी। लेकिन फेडरेशन तक बजट ही नहीं पहुंचा। पहली से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन पाउडर दूध दिया जाना था, लेकिन वर्तमान सत्र को शुरू हुए सवा माह से अधिक समय बीत चुका है। शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूलों में दूध वितरण की तैयारियों में लगे हैं। जैसे ही बजट जारी होगा, वे वितरण प्रक्रिया भी शुरू कर देंगे।

इसलिए शुरू की गई थी योजना: सरकारी स्कूलों में ड्रॉप आउट रोककर नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई थी। इसके साथ मुख्य उद्देश्य बच्चाें के पोषण स्तर में भी सुधार करना है। पहले भी विद्यार्थियों को मिड-डे मील योजना के तहत दूध दिया जाता था, लेकिन कोरोना लाॅकडाउन के दाैरान इस योजना के तहत दूध वितरण दो वर्ष पहले बंद कर दिया गया था।

कक्षा 1 से 5वीं तक 150 और 6 से 8वीं तक 200 एमएल दूध पिलाएंगे

बाल गोपाल योजना के तहत जिले भर के 1 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों एवं मदरसों में सहित विशेष प्रशिक्षण केंद्रों आदि में अध्ययनरत बच्चों को पाउडर से दूध तैयार कर दिया जाना है। मिड डे मील के माध्यम से जिलेवार पाउडर मिल्क का आवंटन किया जाएगा। प्रार्थना सभा के तुरंत बाद दूध पिलाया जाना है, जिसके लिए मंगलवार और शुक्रवार दो दिन भी तय किए गए हैं। इन दिनों में अवकाश होने पर अगले शैक्षणिक दिवस को दूध मुहैया कराया जाना है। कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को 15 ग्राम पाउडर दूध से 150 एमएल और कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चों को 20 ग्राम‎ पाउडर दूध से 200 एमएल दूध‎ तैयार कर पिलाना है।

बालगोपाल योजना: जिले भर के 1.25 लाख विद्यार्थियों को नहीं दिया जा रहा दूध क्योंकि सरकार से बजट ही नहीं मिला

मोनिका ईनानियाँ

नमस्कार मित्रो, मैं मोनिका ईनानियाँ एम. ए. & एम फिल मैं आपको शिक्षा जगत की हर एक हलचल से करवाउंगी अपडेट !!

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