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योजना का उद्देश्य: मुख्यमंत्री बालगोपाल योजना: जिले के सरकारी स्कूल और मदरसों में पढ़ रहे 1.31 लाख बालकों को दूध का इंतजार

Mukhyamantri Balgopal Yojana: 1.31 Lakh Children Studying In Government Schools And Madrasas In The District Are Waiting For Milk

योजना का उद्देश्य: मुख्यमंत्री बालगोपाल योजना: जिले के सरकारी स्कूल और मदरसों में पढ़ रहे 1.31 लाख बालकों को दूध का इंतजार

Mukhyamantri Balgopal Yojana: 1.31 Lakh Children Studying In Government Schools And Madrasas In The District Are Waiting For Milk

टोंक : योजना का उद्देश्य: मुख्यमंत्री बालगोपाल योजना: जिले के सरकारी स्कूल और मदरसों में पढ़ रहे 1.31 लाख बालकों को दूध का इंतजार

  • सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाना व ड्रॉप आउट रोकना है, जल्द शुरू होगी योजना

मुख्यमंत्री बालगोपाल योजना के तहत सरकारी स्कूलों व मदरसों में एक से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन दूध पिलाने की योजना की क्रियान्विति अभी तक नहीं हो पाई। जबकि नए शैक्षणिक सत्र को शुरू हुए सवा महीने से अधिक का समय बीत चुका। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी भी इस बात को लेकर असमंजस में है कि आखिर दूध पाउडर सप्लाई कब और कैसे शुरू हो सकेगी। जिला शिक्षा अधिकारी रामनिवास शर्मा का कहना है कि योजना की शुरुआत जल्द ही होने की उम्मीद है।

 

सरकार ने मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक के बच्चों को मंगलवार और शुक्रवार को पाउडर दूध पिलाए जाने की घोषणा की है। मिड डे मील आयुक्तालय की ओर से जून के अंतिम सप्ताह में ही इस बारे में निर्देश भी जारी कर दिए थे। तय कार्यक्रम के अनुसार पांचवीं तक के बच्चों को 15 ग्राम पाउडर दूध से 150 एमएल दूध तथा छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को 20 ग्राम पाउडर दूध से 200 एमएल दूध तैयार कर पिलाना है। निर्देशों के अनुसार प्रार्थना सभा के तुरंत बाद बालकों को दूध पिलाया जाना है। निर्धारित दिन अवकाश होने पर अगले शेक्षणिक दिवस पर पिलाया जाना है। शाला प्रबन्धन समिति को योजना के सफल क्रियान्विति को लेकर उत्तरदायित्व होगी

सरकार ने राजस्थान राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन से दूध उपलब्ध कराने का एमओयू भी हुआ है। स्कूलों से नामांकन की सूचना भी मांगी जा चुकी है। इसके बाद भी योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। योजना की क्रियान्विति होने पर जिले के 1633 प्राईमरी व यूपीएस के एक लाख 31 हजार 189 बालकों को पीने के लिए मीठा दूध मिल सकेगा। मीडडेमील योजना देख रहे मन्नालाल ने बताया कि जिले में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं में 83203 व छठी से आठवीं तक की कक्षाओं में 47 हजार 886 बालक अध्ययनरत है।

नामांकन बढ़ाना व ड्रॉप आउट रोकना है उददेश्य
स्कूलों में दूध योजना शुरू करने का उददेश्य सरकारी स्कूलों में बालकों का नामांकन बढ़ाना ड्रॉप आउट रोकना माना जा रहा है। मिडडेमील में पिछले सालो भी बालकों को मध्यांतर अवकाश के दौरान दूध दिया जाता था, लेकिन कोरोना लहर के चलते दो साल पूर्व योजना बंद कर दी गई थी।

योजना का उद्देश्य: मुख्यमंत्री बालगोपाल योजना: जिले के सरकारी स्कूल और मदरसों में पढ़ रहे 1.31 लाख बालकों को दूध का इंतजार

मोनिका ईनानियाँ

नमस्कार मित्रो, मैं मोनिका ईनानियाँ एम. ए. & एम फिल मैं आपको शिक्षा जगत की हर एक हलचल से करवाउंगी अपडेट !!

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