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राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम : एक सकारात्मक पहल

Rajasthan's progress in education: A positive initiative

राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम : एक सकारात्मक पहल

सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लर्निंग लेवल्स के लिए राज्य की टॉप पॉलिटिकल और ब्यूरोक्रेटिक लीडरशिप की कल्पना, इच्छाशक्ति और अमूल्य सहयोग से शिक्षा विभाग यह ऐसा प्रोग्राम स्टार्ट किया है जो कि सीधे इस प्रोब्लम को एड्रेस करता है। इस स्केल पर और एंड टू एंड इस स्कोप का प्रोग्राम संभवतः पूरे देश में पहली बार हो रहा है तथा आने वाले समय में निश्चित रूप से इसके बहुत अच्छे रिजल्ट देखने को मिलेंगे।

राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम

इस एकेडमिक सेशन से ही राजस्थान के सभी 65000 सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए यह प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसकी मूल अवधारणा यह है कि क्लास में एक ही सिलेबस कंप्लीट कराने की बजाए हर बच्चे को उसके लर्निंग लेवल के अनुसार कांंपिटेंसी बेस्ड टीचिंग करके अपने क्लास लेवल तक लाना। उधारहनार्थ अभी बच्चा आठवीं क्लास में है तो भले ही उसको तीसरी की गणित न आए, उसको आठवीं की ही गणित पढ़ाई जाती है। किंतु इस प्रोग्राम में उसको पहले तीसरी चौथी पांचवी and so on ki जो कांंपिटेंसी नहीं आती, उन्हें पढ़ाया जाएगा।

प्रोग्राम के कुछ प्रमुख फीचर्स
  • सर्वप्रथम क्लास 1 से 8 तक सभी 75 लाख बच्चों को निशुल्क कांंपिटेंसी बेस्ड वर्कबुक्स दी जा रही हैं। इनमें रटने की बजाए कांसेप्ट समझने पर फोकस है।
  • क्लास 3 से 8 तक के बच्चों का शुरू में ही वर्कबुक में दिया बेसलाइन असेसमेंट होगा जिनसे उनके लर्निंग लेवल का पता लग पाए।
  • इन लर्निंग लेवल्स के आधार पर उनकी क्लास में ग्रुपिंग होगी ताकि प्रत्येक ग्रुप को उसके लर्निंग लेवल के हिसाब से वर्कबुक में से पढ़ाया जाए और उनकी पियर लर्निंग भी हो सके।
  • सितंबर अंत तक शुरू के 4 पीरियड तथा उसके बाद शुरू के 2 पीरियड सिर्फ ये ग्रुपिंग बेस्ड लर्निंग होगी, क्लास का नॉर्मल सिलेबस नही कराया जाएगा।
  • प्रत्येक वर्कशीट में फन बेस्ड एंड कांसेप्ट बेस्ड लर्निंग के प्रश्न होंगे जिनकी शिक्षक हर हफ्ते ग्रेडिंग करेंगे।
  • टीचर्स की हेल्प के लिए टीचिंग एड एप बनाया जा रहा है जिसमें टीचर्स गैमिफाइड तरीके से सोशल शेयरिंग करते करते कदम दर कदम इस कार्यक्रम का प्रत्येक स्टेप कर सकेंगे और असेसमेंट रेडी बन सकेंगे। इस एप के वायरफ्रेम्स भी शीघ्र आपसे शेयर करेंगे। इसका एक स्क्रीन आप नीचे देख सकते हैं।
  • क्वार्टरली, हॉफ इयरली और एनुअल एग्जाम क्लास सिलेबस एंड रटने के बेस्ड न होकर कॉम्पिटेंसी बेस्ड होंगे। यानी पांचवी के बच्चे से सिर्फ पांचवी के ही नही तीसरी और चौथी की कॉम्पिटेंसी के सवाल भी पूछे जाएंगे। इसके लिए कॉम्पिटेंसी बेस्ड सवालों की क्वेश्चन बैंक बनाई जाएगी जिसमें से क्वेश्चन पेपर सेट हो सकें।
  • इस पूरे प्रोग्राम में टीचर्स का वर्कलोड कम किया जाएगा। अभी उन्हें प्रत्येक बच्चे की प्रत्येक कॉपी जांचनी पड़ती है, फिर उनके नंबर्स को जोड़कर प्रत्येक बच्चे की डिटेल्स के साथ सॉफ्टवेयर में एंट्री करनी पड़ती है तथा फिर मैनुअली रिपोर्ट कार्ड भरना पड़ता है। हम चाहते हैं हमारे टीचर्स सिर्फ पढ़ाने में फोकस करें।
  • इसीलिए हम एप में सभी प्रकार की मॉडर्न टेक्नोलॉजी यूज करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से कॉपीज जांचने और डाटा एंट्री करने का कार्यभार से टीचर्स मुक्त हो जाएंगे। उन्हें सिर्फ बच्चे की आंसर कॉपी मोबाइल से फोटो खींच कर अपलोड करनी है। आंसर शीट कुछ इस तरह की होगी…
  • एप में टीचर्स का यूजर एक्सपीरियंस खराब न हो इसीलिए सर्वर्स को ऑटो स्कैलेबल क्लाउड पर होस्ट किया जाएगा तथा माइक्रोसर्विस बेस्ड इवेंट ड्रिवन आर्किटेक्चर होगा।
  • एप का डिजाइन एकदम यूजर फ्रेंडली, लाइवली तथा माइक्रो इंटरेक्शंस युक्त होगा ताकि टीचर्स उसको आसानी से यूज कर पाएं और उनको एप उसे करके अच्छा लगे, कोई लोड न लगे।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कॉपीज की जांच होते ही डिजिटली जेनरेटेड कॉम्पिटेंसी बेस्ड रिपोर्ट कार्ड्स जनरेट होंगे जो अगेन सुंदर दिखेंगे और पिक्टोग्राफिक होंगे ताकि अर्ध शिक्षित पेरेंट्स भी समझ सकें अपने बच्चे की प्रोग्रेस। हालांकि इनका डिजाइन अभी प्रिलिमिनरी स्टेज पर है बट निम्न फोटो से आप आइडिया लगा सकते हैं।
  • क्लासरूम टीचिंग को सप्लीमेंट करने के लिए एप में ही कॉम्पिटेंसी बेस्ड छोटे छोटे विडियोज बनाए जा रहे हैं जिनसे टीचर्स और बच्चे कांसेप्ट को समझ सकें।
  • कॉम्पिटेंसी बेस्ड रिपोर्ट कार्ड के साथ साल में 3 बार पैरेंट टीचर मीटिंग की जाएंगी। पेरेंट्स को बच्चों की शिक्षा में निरंतर इन्वॉल्व रखने के लिए उनको व्हाट्सएप एपीआई के जरिए बताया जाएगा की इस हफ्ते आपके बच्चों को यह पढ़ाया जाएगा तथा उनसे फीडबैक लिया जाएगा कि क्या बच्चों को इस हफ्ते वह पढ़ाया गया क्या या उनकी वर्कबुक चेक हुई क्या इत्यादि।
  • कॉम्पिटेंसी बेस्ड एग्जाम से आगे की ग्रुपिंग और किस ग्रुप को कौनसी वर्कशीट करानी है यह तय होगा तथा ग्रुप्स रिशफल होंगे।
  • एप के जरिए टीचर्स को प्रोग्राम के हर स्टेज पर नजेस मिलते रहेंगे जो उनको बच्चों का लर्निंग लेवल सुधारने में मदद कर सके।
  • सभी टीचर्स की इस प्रोग्राम में ट्रेनिंग्स ऑर्गनाइज कराई जा रही हैं तथा उनको गैमिफाइड तरीके से प्रोग्राम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मोटिवेट किया जाएगा।

इस प्रकार से इस प्रोग्राम के जरिए राज्य में बच्चों के लर्निंग लेवल में अभूतपूर्व सुधार आएगा और इस नोबेल ऑब्जेक्टिव में राज्य के सभी शिक्षक साथी अपना सम्पूर्ण प्रयास करेंगे, ऐसा हमे पूर्ण विश्वास है।

अंत में प्रोग्राम लॉन्च की एक छोटी सी तस्वीर 🙂

मोनिका ईनानियाँ

नमस्कार मित्रो, मैं मोनिका ईनानियाँ एम. ए. & एम फिल मैं आपको शिक्षा जगत की हर एक हलचल से करवाउंगी अपडेट !!

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